UPPSC PCS Mains 2018General Hindi

9 questions · 150 marks · केवल हिंदी में · General Hindi

Every question from the UPPSC PCS Mains 2018 General Hindi, transcribed from the commission's own paper in Hindi, the only language it is printed in, and reproduced here with its printed marks and word limits. Conducted by the Uttar Pradesh Public Service Commission. Free to read. Attempt any question by hand and send the copy in to have it marked against this paper's own scale.

Time Allowed : Three Hours

Maximum Marks : 150

Question Paper Specific Instructions

  • निर्धारित समय : तीन घंटे
  • नोट: (ii) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
  • (iii) प्रत्येक प्रश्न के अंक प्रश्न के अन्त में आंकित हैं।
  • (iv) पत्र, प्रार्थना-पत्र या किसी अन्य प्रश्न के उत्तर के साथ अपना अथवा अन्य का नाम, पता एवं अनुक्रमांक न लिखें। आवश्यक होने पर क, ख, ग लिख सकते हैं।
  • Time Allowed : Three Hours
  • Note: (ii) All questions are compulsory.
  • (iii) Each question must be answered in one continuous paragraph.
  • (iv) In letters, reports or any other type of question, write your own name, address or any other personal information.
  1. 1.

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए: में साहित्य को मनुष्य की दृष्टि से देखने का पक्षपाती हूँ। जो वागजाल मनुष्य को दुर्गति, हीनता और परमुखापेक्षिता से बचा न सके, जो उसकी आत्मा को तेजोज्वाला न बना सके, जो उसके हृदय को परदुःखकातर और संवेदनशीलता न बना सके, उसे साहित्य कहने में मुझे संकोच होता हैं। में अनुभव करता हूँ कि हम लोग एक कठोर समय के भीतर से गुजर रहे हैं। आज नाना भाँति के संकीर्ण स्वार्थों ने मनुष्य को कुछ ऐसा अंधा बना दिया हैं जाति-धर्म-निर्विशेष मनुष्य के हित की बात सोचना असम्भव हो गया हैं। ऐसा लग रहा हैं कि किसी विकट दुर्भाग्य के इंगित पर दलगत स्वार्थ-प्रेम ने मनुष्यता को दबोच लिया हैं। दुनिया छोटे-छोटे संकीर्ण स्वार्थों के आधार पर अनेक दलों में विभक्त हो गई हैं। अपने दल के बाहर का आदमी सन्देह की दृष्टि से देखा जाता हैं। उसके रोने-गाने तक पर असुद्देश्य का आरोप किया जाता हैं। उसके तप और सत्यनिष्ठा का मजाक उड़ाया जाता हैं। (क) प्रस्तुत गद्यांश का भावार्थ अपने शब्दों में लिखिये। (ख) साहित्य के लक्ष्य के विषय में उपयुक्त गद्यांश के आधार पर विचार कीजिये। (ग) प्रस्तुत गद्यांश की रेखांकित पंक्तियों की व्याख्या कीजिये।

    30
  2. 2.

    निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर निर्देशानुसार उत्तर लिखिए। परिवर्तन से हम बच नहीं सकते। परिवर्तन से बचना अगति और दुर्गति को आमंत्रित करना हैं। यद्यपि स्थिरता में किसी आशा में सुरक्षा हैं, तथापि बिना जोखिम लिये आगे नहीं बढ़ा जाता हैं। नियमों की रिश्तरता जो विज्ञान में हैं और स्फूर्तिमय जीवन की गतिशीलता के साथ हमकों भी गतिशीलता जो साहित्य में हैं, दोनों के बीच का हमें संतुलित मार्ग खोजना हैं। जीवन के संतुलनों में नए और पुराने का संतुलन भी विशेष महत्व रखता हैं। संसार की गतिशीलता के साथ हमकों भी गतिशील होना पड़ेगा, कितु आँखें मूँदकर अन्धकार की खाई में कूदना शूरता नहीं हैं। हमकों आगे कदम बढ़ाना हैं कितु आँखें खोलकर। नवीन के लिये हम अपने मनमर्दिर का द्वार सदा खुला रखें, पूर्वाग्रहों से काम न लें। उसके पश्च और विपश्च की युक्तियों को न्याय की तुला पर तोलें। एक सीमा के भीतर नए प्रयोगों को भी अपने जीवन में स्थान दें, कितु एकेवल नवीनता के प्रमाण-पत्र से संतुष्ट न हो जाए। जिस तरक्कीवाद को हम प्राचीन प्रथाओं के उन्मूलन में लगाते हैं उसी निर्मम तर्क को नवीन के परिक्षण में भी लगावें कितु नवीन को भूत की भाँति का कारण न बनावें। (क) प्रस्तुत गद्यांश को उचित शीर्षक दीजिये। (ख) प्राचीन और नवीन में सन्तुलन क्यों आवश्यक हैं? विचार कीजिये। (ग) प्रस्तुत गद्यांश का संक्षेपण कीजिये।

    30
  3. 3.

    निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (क) 'अभिसूचना' को परिभाषित करते हुये मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार की और से शिक्षकों की सेवानिवृत्ति वय बढ़ाने के संदर्भ में एक अभिसूचना का प्रारूप तैयार कीजिए। (ख) स्वास्थ्य बिभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की ओर से सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली को भेजने के लिये एक अर्थ सरकारी पत्र का प्रारूप तैयार कीजिये जिसमें उत्तर प्रदेश में कुपोषण से जूझते बच्चों के इलाज के लिये भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से पूर्व में माँगी गई सहायता को यथाशीघ्र स्वीकृत करने के लिये आग्रह किया गया हो।

    20
  4. 4.

    निम्नलिखित उपसर्गों/प्रत्ययों से एक-एक शब्द की रचना कीजिये: अधि, परि, भर, अठ, नि, खुश, इक, आइन, आई, अककड़

    10
  5. 5.

    निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए: आवरण, कूटज्ञ, अज्ञ, नैसर्गिक, अधम, आहूत, सकर्मक, मान, घात, वैतनिक

    10
  6. 6.(क).

    निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध कीजिए: (i) यह आँखों से देखी घटना है। (ii) सौ रुपया सधन्यवाद प्राप्त हुआ। (iii) गीता ने सोता से पूछा कि सीता कहाँ चली गई थी? (iv) दक्षिण का अधिकांश भाग पठार हैं। (v) मैंने बोला कि कल मत आना।

    5
  7. 6.(ख).

    निम्नलिखित शब्दों की वर्तनी का संशोधन कीजिए: शिक्षणेंतर, उपरोक्त, सौहार्द्र, पूज्यनीय, सौजन्यता

    5
  8. 7.

    निम्नलिखित वाक्यांशों के लिये एक-एक शब्द लिखिए: (i) आकाश को चूमने वाला। (ii) संध्या और रात के बीच का समय। (iii) हमेशा रहने वाला। (iv) सौ में सौ। (v) जो बात वर्णन से परे हो।

    10
  9. 8.

    निम्नलिखित मुहावरों लोकोक्तियों के अर्थ स्पष्ट कीजिए और अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए: (i) नक्कारखाने में तूती की आवाज (ii) मक्खी मारना (iii) तिल का ताड़ बनाना (iv) सिर आँखों पर बैठना (v) हवा का संग देखना (vi) ढाक के तीन पात (vii) गरु किसे जान के, पानी पीजे छान के (viii) कर खेती परदेस को जाए, बाको जनम अकारथ जाए। (ix) फूहड़ चलें, नौ घर हालें (x) अपनी करनी पार उतरनी।

    30

Get your answers marked

Attempt these the way you would in the hall, then send the copy in. You can send one question or the whole paper — all 9 questions. One answer costs one evaluation credit, so a full paper costs 9.

1. Write and photograph

Answer by hand under exam conditions, then photograph each page — or upload a PDF.

2. We read your handwriting

A vision model transcribes every page in English or Hindi and shows you the text before marking, so a bad photo never becomes a bad score.

3. You get a marked copy

Marks against this paper's own scale, criterion by criterion, with what to fix and a model answer alongside.

Your first evaluation is free. Nothing is charged until the copy is submitted.

Source: UPPSC PCS Mains 2018 — HINDI question paper (read from scan)